नारकंडा Narkanda

हिमाचल प्रदेश का मनोरम हिल स्टेशन नारकंडा शिमला से 7400 फीट उंचाई और 65 किलोमीटर दूर घने जंगलों और पहाडों से घिरा है यह खूबसूरत गाँव घुमक्कड़ी करने वालो का आकर्षण का केंद्र हैं.यह जगह इतनी आकर्षक है कि सैलानी इसकी खूबसूरती में खो जाते हैं खासकर तब जब सर्द हवाओं से बदन सिहर उठे .छोटा सा गाँव नारकंडा नेचर के हिसाब से खूबसूरती को लपेटे NH 22 पर स्थिर ओल्ड हिंदुस्तान–तिब्बत मार्ग पर स्थित है. यहाँ ठहरने के लिए कई सस्ते और किफायती होटल हैं. शिमला से 2 घंटे की दुरी हिमाचल रोडवेज या रेट /निजी टैक्सी से करके नारकंडा पहुंच सकते है

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मई –जून महीने में सडक के किनारे गर्म चाय की चुस्की और सर्द हवाओं का लुफ्त ले सकते है. फागू नारकंडा का छोटा सा गांव है जो नारकंडा जाते वक्त रास्तें से दिखता है. सर्दियों में नारकंडा के पहाड़ियों की चोटी पर जमी बर्फ की चादर उसकी खूबसूरती में चार चांद लगा देती है. नारकंडा की उत्तरी दिशा की तरफ सतलज घाटी और उसके विशाल बर्फीले पर्वत के नजारे आप देख सकते है। कार्निफर,आँक,पापुलस के पेड़ से घिरे जंगल आपको जन्नत सा अहसास करा देती है .सर्दियों में अगर आप नारकंडा जाते है तो शिवालिक पहाड़ियों पर स्कीइंग का रोमांच ले सकते हैं.







हाटू पीक और हाटू मन्दिर

नारकंडा से 6 किमी की दुरी पर हाटू पीक से हिमालय की चोटियों को देखकर आप रोमांचित हो उठेगे. हाटू पीक समुंद्र तल से 12,000 फुट ऊँचाई पर स्थित है. जब आप हाटू पीक के लिए घुमावदार पहाडियोँ और देवदार के ऊँची ऊँची पेड़ों के बीचो बीच गुजरते है तो तस्वीर दिल में उतरआती है . यहा एक छोटा सा   हाटू माता का मन्दिर है जिसमे लकड़ियों पर शानदार नक्कासी उकेरी गई है ,हाटू माता का उल्लेख  आपको  पौराणिक कथाओं में भी मिल जायेगा. मेरे ख्याल से आप नारकंडा जाए तो 












हाटू पीक जाना न भूले 








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